Joe Root ka Historic Shatak: Australia ki Dharti par Likhi Nayi Kahani, Jack Crawley Ne Batayi Andar Ki Baat

 

Joe Root Century: ऑस्ट्रेलिया में पहला शतक ठोककर जो रूट ने रचा इतिहास, जैक क्रॉली ने बताई अंदर की बात

इंग्लैंड की टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ जो रूट ने आखिरकार वो हासिल कर लिया, जिसका इंतज़ार लगभग एक दशक से हो रहा था। ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर खेलना हमेशा इंग्लिश खिलाड़ियों के लिए चुनौती भरा माना जाता है, लेकिन रूट ने पिंक बॉल टेस्ट में ऐसी शानदार पारी खेली कि पूरी क्रिकेट दुनिया उनकी तारीफ कर रही है।

रूट ने 202 गेंदों में नाबाद 135 रन बनाए और इस दौरान 15 चौके और एक शानदार छक्का भी लगाया। यह केवल एक शतक नहीं था, बल्कि उनकी मानसिक ताकत, धैर्य और क्लासिक बल्लेबाज़ी का बेहतरीन उदाहरण था।

इस खास मौके पर उनके साथी ओपनर जैक क्रॉली ने रूट की तारीफ करते हुए कुछ ऐसी बातें कहीं, जो इस शतक को और भी खास बना देती हैं।


10 साल बाद आया ये ऐतिहासिक शतक

जो रूट 2013 से ऑस्ट्रेलिया में एशेज खेल रहे हैं। अपने करियर में इतने सारे टेस्ट और शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम नहीं था।
यह बात अक्सर चर्चा में रहती थी कि दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों में शुमार रूट आखिर ऑस्ट्रेलिया में शतक क्यों नहीं बना पा रहे।

इस बार एशेज सीरीज में जब वह पांचवीं बार ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, तो उन्होंने अपने 16वें टेस्ट में वह कर दिखाया जिसकी फैन्स को उम्मीद थी। यह सिर्फ उनके करियर का एक और शतक नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और निरंतर प्रयास का परिणाम था।




जैक क्रॉली ने बताई रूट की अंदर की बात

शतक के बाद जैक क्रॉली ने रूट की मानसिक मजबूती की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा:

“टैलेंट तो हर किसी में होता है, लेकिन हिम्मत और मानसिक मज़बूती हर किसी में नहीं होती। रूट में जो ग्रिट है, वह बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलता है।”

क्रॉली ने यह भी बताया कि रूट बाहर से भले ही शांत दिखते हों, लेकिन ऐसा बड़ा माइलस्टोन हासिल करने के बाद वह अंदर से बेहद खुश होंगे।

उन्होंने कहा कि टीम में हर कोई जानता है कि ये शतक रूट के लिए कितना अहम था, इसलिए इसे लेकर सभी खिलाड़ियों में काफी उत्साह था।

कमरे में वह इस तरह आए जैसे यह कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन उनके चेहरे की चमक साफ बता रही थी कि यह शतक उनके लिए कितना मायने रखता है।


इंग्लैंड की पारी में रूट की भूमिका

ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी की। पिंक बॉल से ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज़ी हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है, खासकर मिचेल स्टार्क की स्विंग और स्पीड के सामने किसी भी बल्लेबाज को टिकना आसान नहीं होता।

लेकिन रूट और क्रॉली ने मिलकर पारी संभाली। क्रॉली ने 93 गेंदों में 76 रन की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके शामिल थे।
जबकि दूसरे छोर पर रूट ने एक क्लासिक और धैर्यपूर्ण पारी खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति दिलाई।

दिन के अंत तक इंग्लैंड ने 9 विकेट पर 325 रन बना लिए थे।
अगर स्टार्क की घातक गेंदबाज़ी न होती, तो इंग्लैंड का स्कोर इससे भी ज्यादा हो सकता था। स्टार्क ने एक बार फिर अपनी गेंदबाजी से इंग्लैंड के टॉप और मिडिल ऑर्डर को परेशान किया और 6 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।


रूट का यह शतक क्यों है इतना खास?

रूट पहले भी कई बेहतरीन पारियां खेल चुके हैं।
लेकिन यह शतक कई कारणों से बेहद खास है:

1. ऑस्ट्रेलिया में पहला शतक

इसे पूरा करने में उन्हें 10 साल लग गए, इसलिए इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।

2. पिंक बॉल टेस्ट में खेले गए शानदार शॉट्स

पिंक बॉल रोशनी में काफी स्विंग करती है, लेकिन रूट ने इसे बिल्कुल पढ़कर खेला।

3. दबाव की स्थिति में टीम को संभाला

स्टार्क की गेंदबाज़ी ने इंग्लैंड को परेशानी में डाल दिया था, लेकिन रूट बीच में मजबूती से टिके रहे।

4. एशेज की दिशा बदलने की क्षमता

यह शतक न सिर्फ रूट के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इंग्लैंड के लिए भी इस सीरीज में मोमेंटम लाने वाला साबित हो सकता है।


रूट — सिर्फ टैलेंट नहीं, एक लीजेंड की मानसिकता

जैक क्रॉली ने सही कहा—
“टैलेंट सबके पास होता है, लेकिन रूट की तरह मानसिक मजबूती हर किसी में नहीं होती।”

चाहे वह कंडीशन हो, स्विंगिंग पिंक बॉल हो, या ऑस्ट्रेलिया का बाउंसी ट्रैक—
रूट ने धैर्य और क्लास के साथ खेलकर अपने खेल को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया।

उनका यह शतक आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगा कि किसी लक्ष्य को पाने में देर जरूर हो सकती है, लेकिन लगातार मेहनत से वह लक्ष्य जरूर मिलता है।


निष्कर्ष

जो रूट का यह शतक सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उनके जज़्बे और मानसिक शक्ति की जीत है।
लंबे इंतजार के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर शतक लगाकर अपने करियर में एक और हीरा जोड़ दिया।

इंग्लैंड चाहे इस मैच में आगे क्या करे—
रूट का यह शतक क्रिकेट फैन्स के लिए हमेशा यादगार रहेगा।


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