न्यूज़ीलैंड पर संकट: एक टेस्ट में तीन खिलाड़ी चोटिल, टीम मुश्किल में

 

न्यूज़ीलैंड क्रिकेट पर संकट! एक ही टेस्ट मैच में तीन खिलाड़ी चोटिल – टीम की मुश्किलें बढ़ीं

न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम इन दिनों वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज़ खेल रही है। आम तौर पर अपने घर में कीवी टीम बेहद मजबूत मानी जाती है, लेकिन पहले ही टेस्ट मैच में हालात पूरी तरह उलट दिखे। एक ही मैच में टीम के तीन अहम खिलाड़ी चोटिल होकर बाहर हो गए, जिससे कप्तान टॉम लाथम और टीम मैनेजमेंट की चिंताएँ कई गुना बढ़ गई हैं।

पहले टेस्ट के चौथे दिन हालात इतने बिगड़ गए कि न्यूज़ीलैंड को कुछ खिलाड़ियों को तुरंत स्कैन के लिए भेजना पड़ा। टीम की गेंदबाज़ी और विकेटकीपिंग – दोनों विभागों पर इसका सीधा असर पड़ा है।



दो तेज गेंदबाज चोटिल – खराब संकेत

चौथे दिन का खेल न्यूज़ीलैंड के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। टीम के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मैट हेनरी को पिंडली (calf) में दर्द महसूस हुआ। सिर्फ़ 11 ओवर कराने के बाद ही उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। हेनरी के बाहर होने से टीम का बॉलिंग आक्रमण पहले ही कमजोर हो गया था, और तभी दूसरी चोट ने और चिंता बढ़ा दी।

दूसरे तेज़ गेंदबाज़ नाथन स्मिथ साइड स्ट्रेन की समस्या के कारण दिनभर गेंदबाज़ी करने मैदान पर नहीं आए। दोनों खिलाड़ियों को स्कैन के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वे अगला टेस्ट खेल पाएंगे या नहीं, लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा लग रहा है कि कीवी टीम को दूसरे मैच में अपनी गेंदबाज़ी में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।


विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल भी चोटिल – कीवी टीम की मुश्किलें दोगुनी

तेज़ गेंदबाज़ों के बाहर होने से पहले ही टीम को बड़ा झटका तब लगा जब नियमित विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से बाहर हो गए।

ब्लंडेल कई वर्षों से न्यूज़ीलैंड की टेस्ट टीम के स्थायी विकेटकीपर रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति ने टीम के बैलेंस को हिला दिया। मजबूरी में कप्तान टॉम लाथम को विकेटकीपिंग का जिम्मा संभालना पड़ा — जो उनके लिए सामान्य भूमिका नहीं है।

अब माना जा रहा है कि दूसरे टेस्ट में मिच हे को डेब्यू का मौका मिल सकता है। यह उनके लिए बड़ा अवसर होगा, लेकिन टेस्ट डेब्यू के दबाव और कंडीशन को देखते हुए चुनौती भी उतनी ही बड़ी होने वाली है।


काइल जैमीसन की वापसी की उम्मीद – एक साल बाद फिर मौका!

तेज़ गेंदबाजों की चोटों ने न्यूज़ीलैंड को मजबूर किया कि वे अपने लंबे कद वाले स्टार पेसर काइल जैमीसन को फिर से तेज़ी से तैयार करें।

जैमीसन पिछले एक साल से रेड बॉल क्रिकेट से दूर थे। 2024 में बैक इंजरी के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला। लेकिन टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत Plunket Shield में खेलने भेजा गया ताकि वे अपनी फिटनेस साबित कर सकें।

जैमीसन ने घरेलू क्रिकेट में वापसी कर ली है और अगर वे फिट दिखते हैं, तो दूसरे टेस्ट में उनके शामिल होने की पूरी संभावना है।
उनकी वापसी टीम के लिए बड़ी राहत हो सकती है, क्योंकि:

  • उनकी ऊँचाई से उछाल मिलता है

  • स्विंग और सीम मूवमेंट उनकी खासियत है

  • टेस्ट में उनका रिकॉर्ड शानदार है (19 टेस्ट में 80 विकेट)


ग्लेन फिलिप्स भी कर सकते हैं कमबैक – ऑलराउंड विकल्प तैयार

सिर्फ जैमीसन ही नहीं, बल्कि ग्लेन फिलिप्स भी एक साल बाद टेस्ट टीम में वापसी के करीब हैं। पहले टेस्ट के दौरान वे इंजर्ड खिलाडियों की जगह फील्डिंग करने मैदान में उतरे।

फिलिप्स बैट, बॉल और फील्डिंग – तीनों में टीम को फायदा दे सकते हैं। वर्तमान हालात में उनकी ऑलराउंड क्षमता टीम की कमजोरियों को काफी हद तक कवर कर सकती है।

दूसरे टेस्ट में अगर हेनरी, स्मिथ और ब्लंडेल उपलब्ध नहीं होते, तो फिलिप्स का चयन लगभग तय माना जा रहा है।


चोटों का असर – वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच पलट सकता है

जब किसी भी टीम के तीन मुख्य खिलाड़ी एक टेस्ट मैच के बीच में ही चोटिल होकर बाहर हो जाएँ, तो उसका असर मैच पर स्पष्ट दिखता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में भी यही हुआ।

  • गेंदबाज़ी कमजोर पड़ गई

  • विकेटकीपिंग में बदलाव ने DRS और कैचिंग पर असर डाला

  • फील्ड सेट करने से लेकर बॉलिंग बदलाव तक सब कुछ प्रभावित हुआ

वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ों ने मौका का फायदा उठाते हुए रन भी जमाए।

यह वही टीम है जिसे विदेशी पिचों पर अक्सर संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन इस बार परिस्थितियाँ उनके पक्ष में जाती दिख रही हैं।


न्यूज़ीलैंड के सामने सबसे बड़ा सवाल – प्लेइंग XI कैसे बनेगी?

दूसरे टेस्ट के लिए न्यूज़ीलैंड की सेलेक्शन टीम के सामने कठिन सवाल हैं:

  1. अगर हेनरी और स्मिथ बाहर रहे, तो कौन नए पेसर्स आएँगे?

  2. ब्लंडेल की जगह मिच हे क्या दबाव झेल पाएंगे?

  3. जैमीसन फिट हुए तो क्या उन्हें तुरंत टेस्ट में उतारना सही होगा?

  4. ग्लेन फिलिप्स को बल्लेबाज़ी या ऑलराउंडर के रूप में लाया जाएगा?

अगले 2–3 दिन का मेडिकल अपडेट बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।


निष्कर्ष – चोटों से जूझ रही टीम, लेकिन वापसी की उम्मीदें अभी बाकी

पहला टेस्ट न्यूज़ीलैंड के लिए चुनौतीपूर्ण जरूर रहा है, लेकिन यह टीम हमेशा अपनी संघर्ष क्षमता के लिए जानी जाती है। चोटों ने हालात कठिन बनाए हैं, पर जैमीसन और फिलिप्स जैसे खिलाड़ियों की संभावित वापसी टीम में नई ऊर्जा भर सकती है।

दूसरा टेस्ट कीवी टीम के लिए सिर्फ मैच नहीं, बल्कि कमबैक का मौका होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन फिट होकर वापस आता है – और कौन नए चेहरे टीम की किस्मत बदलते हैं।

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